तो बाबा रामदेव के जीवन पर बनने वाले सीरियल पर विवाद होगा ही; विदेशी चैनल डिस्कवरी बना रहा है 65 कड़ियों का सीरियल, 12 फरवरी को जीत डिस्कवरी पर पहला प्रसारण

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                                                            एसपी मित्तल====
योग गुरु से देश के प्रमुख कारोबारी बने बाबा रामदेव ने आशंका जताई है कि उनके 50 वर्ष के संघर्ष पूर्ण जीवन पर जो सीरियल बन रहा है उस पर विवाद हो सकता है। 7 फरवरी को एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में बाबा ने कहा कि यह सीरियल मेरे जीते जी बन रहा है, इसलिए विवाद तो होगा ही। आमतौर पर किसी महापुरुष पर सीरियल उसके निधन के बाद बनता है। मीडिया के सवालों के जवाब में बाबा ने कहा कि मेरी यही सफलता है कि मेरे जीवन पर कोई विदेशी चैनल सीरियल बना रहा है। यानि मेरी सफलता को विदेशियों ने भी स्वीकार कर लिया है। पतंजलि के उत्पादों की वजह से ही कई विदेशी कंपनियां शीर्षशान कर रही हैं तथा कुछ का मोक्ष होने वाला है। मैंने सीरियल बनाने वालों से साफ कहा है कि अब तक मेरे साथ जो भी घटित हुआ है उन सबको सीरियल में दिखाया जाए। बाबा ने कहा कि जब मैं अपनी मां के पेट में था तब से ही अत्याचार सहन कर रहा हंू। हनुमान नाम के चाचा ने मेरी गर्भवती मां के पेट पर लाते मारी। सरकारी स्कूल में पढ़ाई हो या अपने घर पर रहने की स्थितियां। सभी जगह मुझे अत्याचार झेलने पड़े। मैंने देश के शंकराचार्यों से पूछा की आप लोग यदुवंश को पिछड़ा शूद्र क्यों मानते हो? हरिद्वार के साधु-संतों ने तो मुझे साधु मानने से ही इंकार कर दिया। मैं किस तरह आगे बढ़ा हंू यह मैं ही जनता हंू। मेरे बारे में कौन क्या कह रहा है इसकी मैं चिंता नहीं करता। जातियों के ठेकेदारों पर हमला करते हुए बाबा ने कहा कि देश की राजनीति में जातिवाद का जहर घुल गया है। मैंने भीष्म प्रतिज्ञा ली है कि मैं राजनीति में नहीं आउंगा, लेकिन राजनीति को सुधारने का काम करता रहंूगा। मैंने कभी भी सत्य के साथ समझौता नहीं किया है। मेरे नाम एक इंच भी जमीन नहीं है और न ही मेरा कोई बैंक बैंसल हैं। कांग्रेस के पिछले शासन में मुझ पर जो अत्याचार हुए उन्हें भी इस सीरियल में दिखाया जाएगा। 65 कड़ियों वाला सीरियल डिस्कवरी के नए चैनल जीत पर 12 फरवरी से प्रसारित होगा। 10 फरवरी को सीरियल की झलक दिल्ली में दिखाई जाएगी। जिसमें राजनीति के दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। बाबा ने बताया कि सीरियल में कई दृश्यों में वे स्वयं भी नजर आएंगे। सीरियल बनाने के लिए पतंजलि संस्थान की ओर से कोई आर्थिक सहयोग नहीं दिया गया है और न ही चैनल वालों को कोई विज्ञापन दिया गया है।
(एस.पी.मित्तल)

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