http://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती सरकार। न खाउंगा न खाने दूंगा का वायदा कहां गया? – INDIA NEWS LIVE
Home / Country / देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती सरकार। न खाउंगा न खाने दूंगा का वायदा कहां गया?

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती सरकार। न खाउंगा न खाने दूंगा का वायदा कहां गया?

* एसपी मित्तल*=====                           (वरिष्ठ पत्रकार ,33 वर्षों का अनुभव)
कांग्रेस की सरकार में जो भ्रष्टाचार और लूट खसोट हो रही थी उस पर नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कहा था कि न खाउंगा न खाने दूंगा देशवासियों ने मोदी के इस वायदे पर भरोसा भी किया। लेकिन 15 फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार 300 करोड़ का देश का सबसे बड़ा बैकिंग घोटाला सामने आया तो यह सवाल उठता है कि नरेन्द्र मोदी के वायदा का क्या हुआ? नीरव मोदी नाम का डायमंड कारोबारी 11 हजार करोड़ रुपए हजम कर विदेश भाग जाए और बैंकों में बैठे अधिकारियों तथा सरकार चल रहे लोगों को पता ही नहीं चले, यह बात गले उतरने वाली नहीं है। पीएनबी के एमडी सुनील मेहता ने सरकार और अपने कुप्रबंध को बचाने के लिए कहा कि यह घोटाला तो 2011 से हो रहा था। यानि इस घोटाले की जिम्मेदारी नरेन्द्र मोदी सरकार की नहीं बल्कि पिछली कांग्रेस सरकार की है। ऐसे बेतुके तर्क देने से पहले सुनील मेहता को यह बताना चाहिए कि 2014 से देश में किसकी सरकार है। यदि कोई घोटाला 2011 से हो रहा था तो नरेन्द्र मोदी के पीएम बनने पर 2014 में रुका क्यों नहीं? मैं भी यह समझता हंू कि किसी पीएम का काम किसी बेईमान बैंक की निगरानी करना नहीं है। लेकिन जब आप देश की जनता से न खाने दूंगा वायदा करते हैं तो फिर 11 हजार करोड़ का घोटाला भी नहीं होना चाहिए। बैंकों में देश के आम आदमी का पैसा जमा होता है और यदि किसी बैंक में 11 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हो जाए तो यह आम नागरिक के सीने में छुरा घोंपने से कम नहीं है। अब जांच एजेंसियां नीरव मोदी के मुम्बई, सूरत, इंग्लैंड आदि के डायमंड शोरूमों पर छापा मार कार्यवाही कर रही हैं। लेकिन इन जांच एजेंसियों में तब कोई कार्यवाही नहीं की जब नीरव मोदी पीएनबी को चूना लगा रहा था। जिस प्रकार शराब कारोबारी विजय माल्या विदेश भाग गया उसी प्रकार नीरव मोदी भी इंग्लैंड में बैठ कर भारतीय जांच एजेंसियों को चिढ़ा रहा है। समझ में नहीं आता कि जब एक आम व्यक्ति पीएनबी से पांच हजार रुपए का ऋण लेता है तो उसकी पूरी जांच पड़ताल की जाती है और यदि ऐसा व्यक्ति लोन चुकाने में असमर्थ रहता है तो उसका मकान तक जब्त कर लिया जाता है। लेकिन नीरव मोदी ने पीएनबी से भारत में ही लोन नहीं लिया बल्कि इंग्लैंड में खोले गए शोरूम के लिए भी लोन लिया। साफ जाहिर है कि नीरव मोदी ने झूठे और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक से लोन लिया। गंभीर बात ये है कि मुम्बई और इंग्लैंड वाले शोरूम वर्ष 2015 में खोले गए। इस पूरे मामले में पीएम मोदी नहीं तो कम से कम केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सरकार की ओर से जवाब देना चाहिए। देश की जनता आज भी यह उम्मीद करती है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार में कोई घोटाला नहीं होगा, लेकिन यदि नीरव मोदी जैसा कारोबारी 11 हजार करोड़ लेकर भाग जाएगा, तो फिर जनता का विश्वास किस पर होगा?

एस पी मित्तल

FacebookTwitterGoogle+WhatsApp

About Admin

x

Check Also

कटिहार के दुर्गास्थान चौक पर हमेशा लगता है घंटो जाम लोग हो रहे है परेशान ट्रैफिक पुलिस की कर रहे है मांग ——-

कटिहार से सरफराज अंसारी की रिपोर्ट—— कटिहार में जाम की समस्या आये ...

Translate »
Powered by shf network private limited