​अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का राष्ट्रीय सम्मलेन सफलता पूर्वक संपन्न, स्वामी प्रसाद मौर्या ने पत्रकारों की आवाज बनने का दिलाया भरोसा

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कुशीनगर (उप्र) . पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारों का हक़ और अधिकार है. समाज एवं सरकार यह दोनों पत्रकार सुरक्षा की जिम्मेदारी है. पत्रकार स्वच्छ वातावरण महसूस करें, निर्भय और निष्पक्छ होकर दिशा और दशा बदलने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सके. पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित हो इसके लिए मैं शासन में आवाज उठाऊंगा.

लोक  नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार
उक्त बाते कुशीनगर जनपद के साखोपर में आयोजित अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति उ0प्र0 के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मलेन एवं गोष्ठी के“पत्रकार सुरक्षा कानून हमारा अधिकार है” विषय पर बोलते हुए मुख्या वक्ता के रूप में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहीं.

उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार एवं पत्रकारिता के प्रति पूर्ण रूप से पत्रकारों को निष्पक्ष और सम्वेदनशील होकर कार्य करना होगा. ऐसे में कभी-कभी पत्रकार असुरक्षित होने कि स्तिथि में आ जाते है लेकिन उन्हें डरने कि जरुरत नही है. उनकी सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.  श्री मौर्या ने कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के मनोबलों को बढाने के लिए आयोजित किये जाने चाहिए. समाज और स्वच्छ छवि के गैर पत्रकार लोगो को बढ़ चढ़कर अपेक्षित सहयोग भी दिया जाना चाहिए. पत्रकार महासम्मेलन लखनऊ में कराने का आमंत्रण देते हुए समिति के पदाधिकारियों से कहा कि अगला अधिवेशन अ0भा0प0सु0स0 लखनऊ में कराये तो मै समिति को अपना भरपूर सहयोग व योगदान देने को तैयार हूँ. हम चाहते है कि पत्राकारों के सुरक्षा कि मुहिम राजधानी से शुरू हो.

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विशिष्ट वक्ता एवं अपने को एक पत्रकार के रूप में प्रदर्शित करते हुए क्षेत्रीय विधायक मणिकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता मेरे जहन में है और मै इससे भली भांति परिचित हूँ क्योकि 10 वर्ष की आयु से ही मेरी रूचि पत्रकारिता के क्षेत्र में रही और मैंने एक पोर्टल भी लांच किया था किन्तु विषम परिस्थितियों में उसे आगे नही चला सका. पत्रकार सुरक्षा कानून कोई भीख नही है, यह अधिकार है. सरकार यह कानून बिल लाये या न लाये यह विषय नहीं है ၊ लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा चिंतन का विषय अवश्य है. पत्रकारों को अपनी सुरक्षा स्वंय  करनी होगी. हम पत्रकार सुरक्षा कानून के मोहताज नही है लेकिन जब तक यह बिल पास न हो हम सदन में इसकी आवाज समय समय पर उठाते रहेंगे.
 

उ0प्र0 कर्मकार एवं संनिर्माण कल्याण बोर्ड के सदस्य अभय प्रताप नारायण सिंह ने भी पत्रकारों के सुरक्षा को लेकर सम्मलेन में चिंता जताई.
 

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सम्मलेन की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कालावाडिया ने अपना वक्तव्य देते हुए  कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा के मूल सिद्धांतों  को लेकर देश में जन-जागरण अभियान के तहत एक रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा जिसका समापन देश की राजधानी दिल्ली में होगा जिससे केंद्र सरकार संसद में पत्रकार सुरक्षा बिल लाने को बाध्य हो. यह संगठन देश के हर प्रान्त में अपने साथियों के साथ पत्रकार सुरक्षा के मुहिम में लगा हुआ है. क्रांति कि धरा कुशीनगर से उठी आवाज देश में पत्रकारों के हितो के लिए मील का पत्थर साबित होगी.

सम्मलेन में आये सभी 20 राज्यों के पत्रकार एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय प्रताप नारायण सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध, महावीर जैन एवं गुरु गोरखनाथ की तपो भूमि में हुआ ၊ पत्रकारों का यह यज्ञ देश में लोकतंत्र की दशा व दिशा तय करेगा. इस अवसर पर सम्मलेन में योगेन्द्र सिंह चौहान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,नितिन सिन्हा योगेन्द्र सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महफूज़ खान राष्ट्रीय महसचिव,  बीरबल शर्मा राष्ट्रीय सचिव, गोविन्द शर्मा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़, विनोद पाण्डेय प्रदेश अध्यक्ष बिहार, सर्वेश तिवारी प्रदेश  प्रभारी झारखण्ड ,रत्नाकर त्रिपाठी राष्ट्रीय महसचिव, नसीम जफ़र प्रदेश उपाध्यक्ष, सुनील चौधरी प्रदेश महासचिव, चन्द्रमोहन सिंह गोपाल प्रदेश उपाध्यक्ष, धर्मेन्द्र त्रिपाठी अनुशासन समिति अध्यक्ष, अमित सिंह मोनू, पुष्पेन्द्र शेखर प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता, मुरली मनोहर सरोज, सामाजिक कार्यकर्ता सीमा वर्मा, कुसुम गौर, माधुरी राजपूत, आकृति अग्रहरी, सपना ठाकुर, गीतांजलि सिंह,राजदीप सिंह तोमर, पंकज बघेल, अजय मिश्र, सूरजभान बघेल, लोकेन्द्र गौतम, राहुल शर्मा, खालिक अंसारी, अभिषेक सिंह आदि उपस्थित रहे.

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