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राज्य सरकार को मल्लाह निषाद,बिंद,बेलदार,चोये ,टियर ,खल्वाट,खुरहिया ,गोढ़ी, बनपर, केवट एवं नोनिया जाति को अनुसूचित जन जाति मे शामिल करने की मांग

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*पटना * मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज* *सरकार ने उपरोक्त जाती को अनुसूचित जनजाति में. समिलित करने के लिये अनुसंशा एथनोग्राफिक अध्ययन रिपोट के साथ जान जातिय कार्य मंत्रलय भारत सरकार नई दिल्ली को भेजी। इस फैसलो को भारत की आदिवासी मूलवासी माहसभा व संथाल आदिवासी मांझी परागण संरक्षण समिति स्वगत करती है। लेकिन बिहार सरकार अनुसूचित जनजाति को बिहार मे 10% आरक्षण दे। बर्तमान मैं बिहार सरकार अनुसूचित जनजाति को जो 1%आरक्षण दे कर रही है,उसमे भी पूर्णतः पालन नही हो रही है। और 1%मैं भी कटौती कर अनुसूचित जान जाती की हक मेरी हो रही। जब कि सन 2000 ई० मैं झारखंड अलग होने से पहले अखण्ड बिहार मै st को* *7•5 आरक्षण प्राप्त था।झारखण्ड अलग होने पर 5%आरक्षण की प्रस्ताव रखी गई थी।और अनुसूचित जान जातियो को 1% आरक्षण ही प्राप्त हुई, आज बिहार सरकार अतिपिछड़ी वर्ग ले लोगो को अनुसूचित जान जातियो मैं शामिल कर* *मल्लह ,निषाद ,नोनिया,आदि जातियो को st मैं शामिल कर बिहार सरकार दिग्भ्रमित करने का काम कर रही है।जो पूर्व मैं से st मैं है, उनलोगों का तो कला दिन ही कहा जाये।*
*माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार बिहार सरकार वकाई मैं अनुसूचित जान जातियो की उत्थान चाहते है, तो बिहार मैं लोक सभा चुनाव से पूर्व अनुसूचित जान जाती के लिए 10% आरक्षण लागू करे। अन्यथा बिहार के अनुसूचित जन जातियों सड़क,रेल ,रोको आंदोलन करने के लिये मजबूर होंगें।

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