भाजपा विधायक ने पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

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भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के खिलाफ डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, बाबूलाल मरांडी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 192, 193, 194, 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी व आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी में नवीन जायसवाल ने कहा कि बाबूलाल मरांडी ने बदनीयत और आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए जाली दस्तावेज तैयार कर विधानसभा अध्यक्ष के कोर्ट में चल रहे मामले को प्रभावित करने और नाहक राजनीतिक सनसनी फैला कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की नियत से झूठा साक्ष्य प्रस्तुत किया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार राय के जाली हस्ताक्षर व जाली पैड की मदद से कंप्यूटर तकनीकी का गैरवाजिब इस्तेमाल कर एक जाली पत्र तैयार किया और उक्त पत्र का इस्तेमाल सार्वजनिक तौर पर किया गया ၊

जानिए, क्या है मामला
झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा) के छह विधायकों के दलबदल कर सत्तारूढ़ दल भाजपा में शामिल होने का मामला एकबार फिर गरमा गया है। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के संबंध में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार राय के कथित पत्र को आधार बनाया है। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा ने पत्र को फर्जी करार देते हुए मरांडी से इस मुद्दे पर माफी मांगने की मांग करते हुए केस करने की चेतावनी दी है। झाविमो के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि 2014 में विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी के जिन छह विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी, उन्हें कुल 11 करोड़ रुपये देकर खरीदा गया था।

शुक्रवार को उन्होंने इससे संबंधित एक पत्र राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सौंपा। मरांडी ने मांग की कि खरीद-फरोख्त करने वाले मुख्यमंत्री रघुवर दास को बर्खास्त किया जाए और पैसे के लेनदेन में शामिल तमाम नेताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए। इसके अलावा उन तमाम छह विधायकों की सदस्यता तत्काल रद की जाए जिन्होंने पैसे लेकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराने की मांग भी की है। राज्यपाल से मिलकर लौटने के बाद मरांडी अपने सरकारी आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने दावा किया कि प्रलोभन देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराने के आरोप के पक्ष में उनके पास दस्तावेज भी हैं।

किसे कितने पैसे के दावे
1-नवीन कुमार जायसवाल (हटिया)-दो करोड़
2-रणधीर कुमार सिंह (सारठ)-दो करोड़
3-अमर कुमार बाउरी (चंदनकियारी)-एक करोड़
4-गणेश गंझू (सिमरिया)-दो करोड़
5-आलोक चौरसिया (डालटनगंज)-दो करोड़
6-जानकी यादव (बरकट्ठा)-दो करोड़।
रणधीर कुमार सिंह कृषि और अमर कुमार बाउरी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री हैं

बाबूलाल के आरोपों पर बीजेपी की प्रेस कांफ्रेंस, कहा- मांफी मांगे नहीं तो करेंगे मानहानि का मुकदमा
राँची झारखंड भाजपा ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी अगर सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते हैं तो भाजपा उनके खिलाफ कोर्ट जाएगी और मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएगी। बीजेपी ने कहा है कि जिस पत्र के जरिए बाबूलाल ने फरवरी 2015 में झाविमो के टिकट पर चुनाव जीतकर आए आठ विधायकों में से छह को 11 करोड़ में खरीदने की बात कही है, उस पत्र का खुलासा करें कि आखिर ये उन्हें कहां से मिला। प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा सांसद रविंद्र राय, मंत्री रणधीर सिंह, विधायक नवीन जायसवाल के साथ-साथ वे सभी छह विधायक मौजूद रहे जो झाविमो से भाजपा में शामिल हुए थे ၊ मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप*
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि लेनदेन मुख्यमंत्री रघुवर दास की निगरानी में हुई। उन्होंने जानकी प्रसाद यादव को पैसे उपलब्ध कराए। पत्र में सुनील कुमार सिंह, महेश पोद्दार, चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, बिरंची नारायण और अनंत ओझा के नाम भी पैसे उपलब्ध कराने वालों में है। जिन नेताओं को निगरानी में पैसे पहुंचाने का दावा किया गया उसमें राकेश प्रसाद, दीपक प्रकाश, प्रदीप कुमार वर्मा, संजय सेठ, उषा पांडे और राजेंद्र सिंह शामिल हैं।स्पीकर कोर्ट में चल रहा है मामलाझाविमो से भाजपा में शामिल हुए छह विधायकों के दलबदल मामले की सुनवाई बीते लगभग साढ़े तीन वर्षों से स्पीकर कोर्ट में चल रही है। इस मामले में पिछले 11 महीने से प्रतिवादी पक्ष की ओर से चली आ रही गवाही के दौरान कुल 53 गवाहों के बयान स्पीकर कोर्ट में रिकॉर्ड किए गए। अब इस प्रकरण में बहस की प्रक्रिया शुरू होगी।

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