महाबोधी वृक्ष के नीचे करते हैं 5 लाख मंत्रों के जाप

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,,दिनेश कु पंडित ,बोधगया ၊               [tooltip gravity=”nw”][/tooltip]

कहते हैं कि ईश्वर अपने  भक्तों के किसी विशेष भाषा के मुंहताज नहीं होते ၊ वह तो प्रेम व श्रद्धा के वशीभूत होते हैं ၊ अन्तर्राष्ट्रीय ज्ञान स्थल बोधगया में  तिब्बत के लोग पूजा मंडलाचक्र से करते है ၊ महायान की परम्परा तिब्बती महाबोधी मंदिर परिसर बोधी वृक्ष के पास छाव में एक लाख से पांच लाख तक जाप करते हैं। मंत्र है .. ऊँ नमो तस्य भगवतो अरहतो सम्मा सम्मा बुध्दस्य।

बोधगया महाबोधी में धर्म चक्र तिब्बत की महिला दो घंटे धर्चमक्र पूजा करती है ।यह भी महायान के परम्परा के अनुसार पूरे एक महीना रोज ၊ हमारे गया संवाददाता दिनेश  ने जिसे बखूबी फिल्मामाया है  ၊
यह मंत्र भी तिब्बतियन भाषा में बोलती है ओम नमो तस्य भगवती अरहतो सम्मा सम्मा बुध्दस्य कर चक्र चलाती है ၊

 

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